जो दिखा तुम्हारी आँखों में अश्क ,ये दर्द थोड़ा जादा बढ़ गया lहो गया फिर से तुमसे इश्क ,ये दिल फिर से नया हो गया l
बेतहाशा इश्क जो तुमसे करने लगे है,यही वजह है की और तन्हा रहने लगे है lपर तन्हाई में भी तन्हा नहीं हूँ मैं,मेरे साथ मेरा यारा,हमेशा रहने लगा है l
"इतवार को मिले फुर्सत,तुमसे मिलने की हसरत,ये दो ख़्वाब है जो,रोज मैं देखता हूँ l"
"खुशी में,महीनों की दूरी भी सह जाते है,नाराजगीं में, एक पल भी ना काट पाते है l"
"कैसे कहे कितनी मोह्हबत है,लफ्ज़ कम पड़ जाते है l"
उड़ने दो रंगों को इस बेरंग जिंदगी में,
एक त्यौहार ही तो है जो हमें रंगीन बनाते है.
Happy Holi