नए सप्ताह में नए दिन की शुरुआत करते है ,मिलते है किसी मोड़ पर फिर नई बात करते है l
वक़्त मिले तो मेरे घर तक चले आना कभी,तेरी खुश्बू के मोहताज़ मेरे गुलदस्ते आज भी हैं.
"हर झूठ मेरे मन से, ख़त्म होते जा रहे है,वो जाने कैसे मेरे सच के, करीब आ रहे है l"
वह पार्टी कभी नही सत्ता में आएगी,
जो किसानों के हक की सुरक्षा नही कर पायेगी.
ऐसा लगता है, हर इम्तिहाँ के लिए,
किसी ने जिन्दगी को हमारा पता दे दिया है