हर रिश्ते में अमृत बरसेगा शर्त इतनी है किशरारते करों पर साजिशे नहीं।
हर रिश्ते में अमृत बरसेगा शर्त इतनी है कि
शरारते करों पर साजिशे नहीं।
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है