हर रिश्ते में अमृत बरसेगा शर्त इतनी है किशरारते करों पर साजिशे नहीं।
हर रिश्ते में अमृत बरसेगा शर्त इतनी है कि
शरारते करों पर साजिशे नहीं।
त्याग दी सब ख्वाहिशें
कुछ अलग करने के लिए
“राम” ने खोया बहुत कुछ
“श्री राम” बनने के लिए
दुनिया में सब चीज मिल जाती है,….
केवल अपनी गलती नहीं मिलती…..
जो बांधने से बंधे… और तोड़ने से टूट जाये…
उसका नाम है “बंधन”
जो अपने आप बन जाये… और जीवन भर ना टूटे…
उसका नाम है “संबंध”
यकीन और दुआ नज़र नहीं आते मगर,
नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं।