हर रिश्ते में अमृत बरसेगा शर्त इतनी है किशरारते करों पर साजिशे नहीं।
हर रिश्ते में अमृत बरसेगा शर्त इतनी है कि
शरारते करों पर साजिशे नहीं।
न हो तो रोती हैं जिदे, ख्वाहिशों का ढेर होता हैं,
पिता हैं तो हमेशा बच्चो का दिल शेर होता हैं.
अगर भरोसा उपरवाले पर है,
तो लिखा तक़दीर में है वही पाओगे,
मगर भरोसा अगर खुद पर है,
वाही पाओगे जो आप चाहते हो।
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
शत्रु को सदैव भ्रम में रखना चाहिए ।
जो उसका अप्रिय करना चाहते हो तो उसके साथ सदा मधुर व्यवहार करो
उसके साथ मीठा बोलो । शिकारी जब हिरण का शिकार करता है
तो मधुर गीत गाकर उसे रिझाता है, और जब वह निकट आ जाता है,
तब वह उसे पकड लेता है