मैं बोलता हूँ तो इल्ज़ाम है बग़ावत कामैं चुप रहूँ तो बड़ी बेबसी सी होती है
मैं बोलता हूँ तो इल्ज़ाम है बग़ावत का
मैं चुप रहूँ तो बड़ी बेबसी सी होती है
Na Mahino Ki Ginati, Na Salo Ka Hisab Hain, Mohabbat Aaj Bhi Tumse Bepanah Aur Behisab Hain.
Na Mahino Ki Ginati, Na Salo Ka Hisab Hain,
Mohabbat Aaj Bhi Tumse Bepanah Aur Behisab Hain.
तुम्हारा आगोश देता है सुकून-ए-इश्क़ मुझको,ज़िन्दगी भर अपनी बाहों में यूँही क़ैद रखना मुझे
तुम्हारा आगोश देता है सुकून-ए-इश्क़ मुझको,
ज़िन्दगी भर अपनी बाहों में यूँही क़ैद रखना मुझे
Us Fiza Mein Bhi Jalta Raha
Mein Kisi Ke Liye…..
Jaha Charaag Bhi Taraste They Roshni Ke Liye…
लिपट जाओ एक बार फिर गले हमारे,
कोई दीवार न रहे बीच हमारे तुम्हारे,
लिपट जाती जरूर अगर ज़माने का दर न होता,
बसा लेती मैं तुमको अगर सीने में कोई घर होता..