आओ आगोश में कि ,इश्क का अंजाम हो जाएँ,थोड़ा बुझें थोड़ा जलें ,आज की शाम हो जाए।
आओ आगोश में कि ,इश्क का अंजाम हो जाएँ,
थोड़ा बुझें थोड़ा जलें ,आज की शाम हो जाए।
चेहरे पे मेरे जुल्फों को फैलाओ किसी दिन,
क्यूँ रोज गरजते हो बरस जाओ किसी दिन,
खुशबु की तरह गुजरो मेरी दिल की गली से,
फूलों की तरह मुझपे बिखर जाओ किसी दिन।
वक़्त बदलता है हालात बदल जाते हैं,
ये सब देख कर जज़्बात बदल जाते हैं
Mohabbat Aur Maut Dono Ki
Pasand Bhi Ajeeb Hai:
Ek Ko Dil Chahiye:
Aur Dusre ko Dhadkan!
Ajab Muqaam Pe Thehra Huwa Hai Kafila Dil Ka…
Sukoon Dhundne Nikle The, Neende Bhi Gawa Bethe…