फूलों की महक
कलियों का शबाब हो तुम
मेरे लिए
गुलाब ही गुलाब हो तुम..
Nikle hum duniya ki bhid mein
to pata chala,
Har wo shakhs tanha hai
jisne pyar kiya.
मेरी हर ख़ुशी हर बात तेरी हैं,
सांसों में छुपी ये हयात तेरी हैं
दो पल भी नहीं रह सकते तेरे बिन
धड़कनो की धड़कती
हर आवाज़ तेरी हैं..
कहना बहुत कुछ है अल्फाज़ जरा से कम है खामोश सी तुम हो, गुमसुम से हम है|
कहाँ मिलता है कोई समझने वाला जो भी मिलता है समझा के चला जाता है|
उन्हें चाहना हमारी कमजोरी हैउनसे कह ना पाना हमारी मज़बूरी है.वो क्यों नहीं समझती मेरी खामोशी कोक्या प्यार का इज़हार करना ज़रूरी है|