मेरे दिल के किसी कोने में अब कोई जगह नहीं,कि तस्वीर-ए-यार हमने हर तरफ लगा रखी है।
"मैं सिसकियाँ ले रो भी नहीं सकता,
मुस्कुराने का उससे वादा किया है l"
एक आवाज़, दिल को राहत दे गई,जल्दी बीते ये दिन चाहत दे गई l
कभी गुस्से में मुझे वो बहुत डाँटती है,ऐसा प्यार वो सबको नहीं बाँटती है l
"हर झूठ मेरे मन से, ख़त्म होते जा रहे है,वो जाने कैसे मेरे सच के, करीब आ रहे है l"
उसके होके हम,उससे जुदा हो जायेंगे,यूँ हम एक दिन मोह्हबत से,खफा हो जायेंगे l