चाहत बन गये हो तुम या आदत बन गये
हो तुम हर सांस में यू आते जाते हो जैसे
मेरी इबादत बन गये हो तुम।
जिस ऊँगली को पकड़ 😘 कर मेरी जान 👰 चलती 👫 है
"उसके साथ और बाद, उसी को जीया मैंने,इस तरह अपना इश्क़, मुकम्मल किया मैंने l"
अभी कांच हूँ इसलिए चुभता हूँ,
अगर हम प्यार न करते तो हुकूमत करते.