सबकुछ जानकर भी वो पूछ रहे हैं
हमसे हमें क्या हुआ है अब उन्हें कैसे बताएं
हमें उनसे ही मोहब्बत हुआ है !
कोई है जो दुआ करता है
अपनो में मुझे भी गिना करता है
बहुत खुशनसीब समझते हैं खुद को हम
दूर रह कर भी जब कोई प्यार किया करता है
मुझे क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जायेगी,
मुझे तो बस तेरा मुस्कराना अच्छा लगा था !
"तू जो पास थी, तो तेरी कद्र जरा कम थी।
मेरी गलतियों का पता कैसे चलता मुझे,
तूने कभी शिकायत ही नहीं की।"
जिस दिन तेरे बिन रह लू |
उसदिन खुद को मिटा दूंगा |
मुझ से दूर जाने की बातें मत कर |
दुनिया में आग लगा दूंगा |
अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई खूबसूरत जगह हो हसीन शाम के साथ।