"तू जो पास थी, तो तेरी कद्र जरा कम थी।
मेरी गलतियों का पता कैसे चलता मुझे,
तूने कभी शिकायत ही नहीं की।"
हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का,
कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने !
तू मुहब्बत है मेरी इसलिए दूर है मुझसे
अगर जिद होती तो अब तक बाँहों में होती
यूं तो तेरी महफिल में हमे चाहने वालो की कमी नहीं,पर हम तुझे चाहने में कोई खता करें ये भी तो हमें गवारा नही।
फूल खिलें गुलशन में खूबसूरती नज़र आएगी,
बीते साल की चटपटी यादें साथ रह जाएगी,
आओ मिलकर जश्न मनाएं नए साल का
नए साल की पहली सुबह, ख़ुशियाँ अनगिनत लाएगी
नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं 2021