सबकुछ जानकर भी वो पूछ रहे हैं
हमसे हमें क्या हुआ है अब उन्हें कैसे बताएं
हमें उनसे ही मोहब्बत हुआ है !
मेरे-तेरे इश्क़ की छाँव में… जल-जलकर!
काला ना पड़ जाऊ कहीं !
तू मुझे हुस्न की धुप का
एक टुकड़ा दे…!
Har aankh yahan yun to bahut roti he,
har boond magar ashk nahi hoti he,
par dekh k ro de jo zamaane ka gam,
us aankh se aansu jo gire moti he…
पापा हर फ़र्ज़ निभाते हैं,
जीवन भर क़र्ज़ चुकाते हैं
बच्चे की एक ख़ुशी के लिए,
अपने सुख भूल ही जाते हैं
Happy Fathers Day
Ho Jaun Itna Madhosh Tere Pyar Mai
Ke Hosh Bhi Aane Ki Ijaazat Maange..