“बिखरे है अश्क कोई साज नही देता
खामोश है सब कोई आवाज नही देता
कल के वादे सब करते है ।
मगर क्यू कोई साथ आज नही देता ।
“वक्त कितना भी बदल जाए ,
मेरी मोहब्बत कभी नही बदलेगी !❣️
तुम सफर नहीं मेरी मंज़िल बन जाओ ना,
मेरी ढलती शाम की प्यारी सुबह बन जाओ ना...
न चाँद की चाहत न दौलत
की फरमाइश
सातों जन्म में तुम मिलो बस
इतनी सी है दिल की
ख्वाहिश
नफ़रत नहीं है तुमसे,
लेकिन अब प्यार भी नहीं है,
बिछड़ने का ग़म तो है,
लेकिन अब मिलने की चाहत भी नहीं है।
दुनियाँ की सबसे
अच्छी किताब हम स्वयं हैं
खुद को पढ़ने की कोशिश कीजिए
सब समस्याओं का समाधान मिल जाएगा...