न चाँद की चाहत न दौलत
की फरमाइश
सातों जन्म में तुम मिलो बस
इतनी सी है दिल की
ख्वाहिश
प्यार वो एहसास है जो मिटता नहींप्यार वो पर्वत है जो झुकता नहींप्यार की कीमत क्या है हमसे पूछो,प्यार वो अनमोल हिरा है जो बिकता नही
नज़रें मिल जाएं तो प्यार हो जाता है,
पलकें उठ जाएं तो इज़हार हो जाता है,
ना जाने क्या कशिश है आपकी चाहत में,
कि कोई अनजान भी...
मुश्किलें दिलो के इरादे आज़माएगी
ख्वाबो के परदे निगाहो से हटाएगी
गिरकर तुझे है समभलना
यह ठोकरें ही तुझे चलना सिखाएगी…
Main uske haathon ka khilona hi sahi;
kuch der ke liye hi sahi, usne mujhe chaha to hai..