तुम सफर नहीं मेरी मंज़िल बन जाओ ना,
मेरी ढलती शाम की प्यारी सुबह बन जाओ ना...
मुश्किलें दिलो के इरादे आज़माएगी
ख्वाबो के परदे निगाहो से हटाएगी
गिरकर तुझे है समभलना
यह ठोकरें ही तुझे चलना सिखाएगी…
नए साल की दिन के साथ,
आपकी जिंदगी भी खुशियों से भर जाए.
नया साल आपको और आपके समस्त
परिवार को बहुत मुबारक हो.
गुज़र जायेगी ज़िन्दगी उसके बगैर भी,
वो हसरत-ए-ज़िन्दगी है ….
शर्त-ए-ज़िन्दगी तो नहीं……!!
अपने साये से भी अश्कों को छुपा कर रोना
जब भी रोना तो चिरागों को बुझा कर रोना
जहाँ चोट खाना वहां मुस्कुराना
मगर इस अदा से के रोये सारा ज़माना