दुनियाँ की सबसे
अच्छी किताब हम स्वयं हैं
खुद को पढ़ने की कोशिश कीजिए
सब समस्याओं का समाधान मिल जाएगा...
मेरी इबादतों को ऐसे कर कबूल ऐ मेरे खुदा,
के सजदे में मैं झुकूं तो मुझसे जुड़े हर रिश्ते की जिंदगी संवर जाए..!!
ऐ बेदर्द… सब आ जातें हैं यूँ ही मेरी ‘ख़ैरियत’ पूछने…अगर तुम भी पूछ लो तो यह ‘नौबत’ ही न आए.
अपने इन् हाथों की लकीरों
को क्या देखता हो?
किस्मत तो उनकी भी होती है
जिनके हाथ नहीं होते…
Main Chahta Hun Aik Aasiyana HoJo Wabasta Sirf Tum Se Ho