मेरे हाथों से मेरी तकदीर भी वो ले गया,
आज अपनी आखिरी तस्वीर भी वो ले गया।
“किसी न किसी को किसी पर एतवार हो जाता है,
एक अजनबी सा चेहरा भी यार हो जाता है,
खूबियों से ही नही होती मोहब्बत हमेशा,
किसी की कमियों से भी कभी प्यार हो जाता है !
आरज़ू के दीए दिल में जलते रहेंगे,
मेरी आँखों से आंसू निकलते रहेंगे,
दिल में रौशनी तो करो तुम शमा बन के,
मोम बनकर हम यूं ही पिघलते रहेंगे।
कुछ हदें हैं मेरी कुछ हदें हैं तेरी..!!
लेकिन दायरों में भी इश्क़ होता है…!!❤
कश्ती है, पुरानी मगर दरिया बदल गया।
मेरी तलाश का भी जरिया बदल गया।
ना शक्ल बदली, ना ही बदला मेरा किरदार,
बस लोगों को देखने का नजरिया बदल गया।
तुम्हें कितनी मोहब्बत है मालूम नहीं,
मुझे लोग आज भी तेरी कसम दे कर मना लेते है।