ओझिल जो हुआ , वो एक पल के लिएभरी महफ़िल में, मैं अकेला हुआ lबात कुछ भी, किसी से हुई,मन तलाशता हर ओर, ऐसा मेला हुआ l
"उसके साथ और बाद, उसी को जीया मैंने,इस तरह अपना इश्क़, मुकम्मल किया मैंने l"
Happy Holi