तु मिल गई है तो मुझ पे नाराज है खुदा,
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है
रूठे ज़माने को एक ख़्वाब देना है,बन हौंसला,कि जमाने को नया मकाम देना है lकरना क्या होगा,मुस्कुराना और नज़र मिलाना हैज़माने को दौड़ तो अपनी खुद लगाना है l
"वो आयी नहीं वक़्त पे,एक याद बेवक़्त आती है l"
इश्क़ इश्क़ होता है साहब,
ये हर किसी को
हर किसी से नहीं होता...!
दिलों को मिलाने का मौसम है,
दूरियां मिटाने का मौसम है,
होली का त्यौहार ही ऐसा है,
रंगों में डूब जाने का मौसम है.