पलट कर देख लेना, जब सदा दिल की सुनाई दे,
मेरी आवाज में शायद, तेरा चेहरा दिखाई दे…!
मेरी आवाज़ ही परदा है मेरे चेहरे का,
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए।
एक तुम ही मिल जाते बस इतना काफ़ी था,सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम।
"दोष अपना टालते है,
दूसरे पे डालते है,
जिम्मेदारी लोगों के सीने में सोती है
भारत माँ, अपने भाग्य पे रोती है l
जब चलना अपने पैरो पर है ,
तो औरों पे भरोसा क्यों ?
होली है दिवाली मत समझना,
हम तुम्हारे घर आए तो मवाली मत समझना.
Happy Holi