ज़िक्र तेरा हर वक़्त होने लगा है ,तु मेरे रूह तक में खोने लगा है lतुम्हारी तलाश अब खत्म नहीं होती,आईने में अपनी आँखों में पाने लगा हूँ l
"कितने बंधनों में बँधी है, तुमसे ये मोह्हबत मेरी,याद कर सकते है, पर खबर नहीं ले सकते तेरी l"
"कोई कह दे हर शाम कि, दिन भर तेरा इंतज़ार किया,बस इतनी सी हसरत लिए रोज घर से निकल जाता हूँ l"
तमन्ना करते हो जिन खुशियों की,
दुआ है वह खुशिया आपके कदमो मे हो,
खुदा आपको वह सब हक़ीक़त मे दे,
जो कुछ आपके सपनो में हो..!!
हम से क्या हो सका मोहब्बत में
ख़ैर तुम ने तो बेवफ़ाई की