इजहार-ए-मोहब्बत पे अजब हाल है उनका,आँखें तो रज़ामंद हैं लब सोच रहे हैं।
झुके बार-बार जो पत्थर के आगे,उसे गुमा होगा वो खुदा हो जायेगा lमिला रहमो पे मोह्हबत तो क्या !एक ना एक दिन वो बेवफा हो जायेगा l
"मेरी शब्दों में अगर,तुम्हारा महबूब दिख जायेतो मेरी कोई खता नहीं,मैंने तो सब अपने,दिल के नाम लिखा है l "
इश्क़ करो तो बेहिसाब करो बिछड़ना तो एक दिन है ही
इश्क़ करो तो बेहिसाब करो
बिछड़ना तो एक दिन है ही