हमने सुना है रहती है अब बेकरार वो,
छुपके किसी का करती है इंतजार वो!
सब फूल लेकर गए मैं कांटे ही उठा लाया;
पड़े रहते तो किसी अपने के पाँव मे जख्म दे|
हूँ भीड़ में ,पर भीड़ का हिस्सा ना हो पाया lज़हन में थी तुम,कोई दूसरा किस्सा ना हो पाया l
“तस्वीरें” लेना भी जरूरी है जिन्दगी में…
“आईने” गुजरा हुआ “वक्त” नहीं बताया करते हैं…
Good Night
रातों की प्यारी वाणी,
बातें करती है बहुत सारी,
क्यूँकि ये सपनो की Raat है,
सिर्फ तुम्हारी।
सभी के दीप सुन्दर है,हमारे क्या,तुम्हारे क्या lरौशनी है ये बड़ी बात है,इस किनारें क्या, उस किनारें क्या l