जाने कब आपकी आँखों से इजहार होगा,आपके दिल में हमारे लिए प्यार होगा,गुजर रही है ये रात आपकी याद में,कभी तो आपको भी हमारा इंतज़ार होगा।शुभरात्रि
" फर्क ये है कि मैं आँखों में काजल नहीं लगाता,शायद इसलिए मैं आँखों से झूठ नहीं बोल पाता l"
चुप्पियाँ बढ़ती जा रही हैंउन सारी जगहों परजहाँ बोलना ज़रूरी था!
मुझे नशे के लिए शराब नहीं चाहिए,बस तेरा आँखों में डूबना ही काफी है lअब दिन-रात बहका फिरता हूँ नशे में,मोह्हबत में यूँ डूबना ही काफी है l
Good Morning Shayari