कोई तो है मेरे अन्दर मुझे संभाले हुए…
मैं बेकरार सा होकर भी बरकरार रहता हूं!
दुनिया ने भले हमें जुदा कहा,हमने दिल से कभी ना उन्हें,अलविदा कहा l"
राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी
प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी
यह रंग ना जाने कोई जात ना कोई बोली
मुबारक हो आपको रंगों भारी होली
ये मुहब्बत कब, किससे हो जाये इसका अंदाजा नहीं होता
ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता
जाड़े की रुत है नई तन पर नीली शाल
तेरे साथ अच्छी लगी सर्दी अब के साल...