नज़र अंदाज़ करते हो तो, लो हट जाते है
नज़रों से!इन्हीं नज़रों से ढूँढोगे,
नजर जब हम नहीं आएंगे
काश तकदीर भी होती किसी जुल्फ की तरह…
जब जब बिखरती संवार लेते…
बोलो है कोई वकील ऐसा इस जहान में
जो हारा हुआ इश्क जीता सके मुझको
कई बार ली है तुमने तलाशियाँ मेरे दिल की
बताओ कभी कुछ और मिला है तुम्हारे सिवा!!
हर रिश्ते में विश्वास रहने दो;
जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो;
यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का;
न खुद रहो उदास, न दूसरों को रहने दो।
Apni tanhaayi se tang aa kar..
Bahut se aainey khareed laya hun …