Apni tanhaayi se tang aa kar..
Bahut se aainey khareed laya hun …
काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आके गले लगा ले मेरी इजाजत के बगैर।
मेरी खमोशियो के राज़ ख़ुद मुझे ही नहीं मालूम…
जाने क्यू लोग मुझे मगरूर समझते है…
दोस्ती दिल का हर गम भुला देती है
बंद आँखों में सपने सजा देती है
दोस्ती की दुनिया जरूर बनाए रखना
क्यूंकि मुहब्ब्त की दुनिया अक्सर रुला देती है
मुझे अपने कल की फ़िक्र आज भी नहीं है
लेकिन तुझे पाने की चाहत क़यामत तक रहेगी