Best gulzar shayari
मेरी फ़ितरत में नहीं था तमाशा करना,
बहुत कुछ जानते थे मगर ख़ामोश रहे…
कई बार ऐसा लिखा मिला,जो मुझसे ना कभी कहा गया lकिसी ने बात कह दी ऐसी,जैसे मेरा दिल निकाल के रख गया l
यादों को तेरी हम प्यार करते हैं,
सारे जन्म भी तुझ पर जान निसार करते हैं,
फुर्सत मिले तो हमे SMS करना,
क्योंकि रोज़ रात हम तेरे Good Night कहने का इंतज़ार करते हैं।
बोलो है कोई वकील ऐसा इस जहान में
जो हारा हुआ इश्क जीता सके मुझको
“तारीख हज़ार साल में बस इतनी सी बदली है,…
तब दौर पत्थर का था अब लोग पत्थर के हैं”….