पहले पहल सब ठीक लगता है,फिर सब धुंधला दिखता है..इश्क़ मे अक्सर मिलने मे भी,कई बार धोखा लगता है l
मुट्ठी भर ख़्वाब मेरा,खुला पूरा आसमान तेरा lमैं चाँद तेरा हो सकता नहीं,तू बादल बन बरस सकता नहीं l
तुम थी,तो कम थी,ना हो, तो भरपूर हो,पता चले की तुम हो मुझमें,इसलिए,ये मौसम जरूर हो l
"क्या कहा, क्या समझा गया,क्या समझा, क्या कहा गया,मोह्हबत घूमती इन किनारों पे,जो कहा गया, ना कभी समझा गया l"
ज़िदगी जीने के लिये मिली थी,
लोगों ने सोच कर गुज़ार दी……
Me Tumhe Kismat Ki Lakeeron Se Chura Leta…..
Faqat Ek Bar Tumne Mera Hone Ka Dawa To Kiya Hota…