मुस्कुरा के देखो तो सारा जहॉ रंगीन है…वरना भीगी पलकों से तो आईना भी धुंधला दिखता है..
मुस्कुरा के देखो तो सारा जहॉ रंगीन है…
वरना भीगी पलकों से तो आईना भी धुंधला दिखता है..
"मेरा दिल मोह्हबत में तुमको, कहाँ पाना चाहता है,बना के खुदा तुम्हें ,दिल मीरा हो जाना चाहता है l"
तुम्हें देखे बिना हम तो ना रह पायेंगे,नज़र चुराते है, नज़र मिलते ही आँख भर आएंगे l
गुज़र गया वो वक़्त जब तेरे तलबगार थे हम.
अब खुद भी बन जाओ तो सजदा न करेंगे..!
कितने आंसू बहूँगा उस बेवफा के लिए
जिसको खुदा ने मेरे नसीब मैं लिखा ही नहीं….