बेबसी तो तब होगी..जब सामने होकर भीतू मुझसे दूर होगी…
बेबसी तो तब होगी..
जब सामने होकर भी
तू मुझसे दूर होगी…
तुमसे मिलके होते होंगे,कितने पूरे,मैं तुमसे मिलकर दुगना हो गया lएक जहान का होता था पहले,अब दो जहान का हो गया l
अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ परसो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है
"कुछ हसरते अधूरी ही रह जाये तो अच्छा है,कुछ बात अनकही रह जाये तो अच्छा है,उधार में रह गये जैसे पैसे याद रह जाते है,कुछ अधूरा रह गया प्यार भी अच्छा है l"
तुम जुआरी बड़े ही माहिर हो,
एक दिल का पत्ता फेक कर जिदंगी खरीद लेते हो..