ये जो बात-बात पे कहते हो,हमारे बीच सब खत्म हो गया,ये तो बताती जाओ...कभी कुछ था क्या...
जो बेइन्तिहाँ चाहत से रूह में उतर जाये
सिर्फ वही मोहब्बत में माहिर है..
बनकर तेरा साया तेरा साथ निभाऊंगा..
तू जहाँ जहाँ जाएगी मैं वहाँ वहाँ आऊँगा..
साया तो छोड़ जाता है अँधेरे में साथ
लेकिन में अँधेरे में तेरा उजाला बन जाऊँगा.
फूलों पर जैसे पड़ती बारिश की बौछार है
चमकने को जैसे फूल भी तैयार है
उसी तरह मेरा दिल भी बेकरार है
तु ही बता में क्यु ना कहु की तुझसे कितना प्यार है
अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे
मिरे अंदर से सभी रंग तुम्हारे निकले