चाहा तुमको बस यही है हमारी भूल।
कांटे निकले उसमें, जिसे समझा कमल का फूल।।
तुम्हारी आवाज सुनने को, हर पल बेकरार रहता हूँ
नहीं करूंगा याद तुम्हें
मै खुद से हर बार कहता हूँ
"तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ,
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ,
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं, लेकिन
तुम्हीं को भूलना सबसे ज़रूरी है, समझता हूँ...!”❤️
ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ
हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते
Good Night Shayari Hindi
Tu saath hokar bhi saath nahi hoti
Ab toh rahat mein bhi rahat nahi hoti…