तुम्हारी आवाज सुनने को, हर पल बेकरार रहता हूँ
नहीं करूंगा याद तुम्हें
मै खुद से हर बार कहता हूँ
ऐ सूरज, मेरे अपनों को पैगाम देना
खुशियों का दिन, हंसी की शाम देना
जब देखें प्यार से मेरे sms को तो
उनके चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान देना
“जीत की ख़ातिर बस जूनून चाहिए,
जिसमे उबाल हो ऐसां खून चाहिए,
ये आसमा भी आएगा जमी पर ,
बस इरादों में जीत की गूँज चाहिए……..!!!.
क्यूँ किसी की यादों को सोच कर रोया जाए,
क्यूँ किसी के ख्यालों में यूँ खोया जाए,
बाहर मौसम बहुत ख़राब हैं,
क्यूँ न रजाई तानकर सोया जाए...
चौदहवीं रात के इस चाँद तलेसुरमई रात में साहिल के क़रीब दूधिया जोड़े में आ जाए जो तू ईसा के हाथ से गिर जाए सलीब बुद्ध का ध्यान चटख जाए ,कसम से तुझ को बर्दाश्त न कर पाए खुदा भी दूधिया जोड़े में आ जाए जो तू चौदहवीं रात के इस चाँद तले !