लौटकर आया हूँ फिर से मैदान मै?
अंदाज वही है सिर्फ तरीका बदल गया है!
जिस्म छू के तो सब गुज़रते हैं,रूह छूता है कोई हजारों में…
उसको पाने की कोशिश में खुद को खो चूका हूँ.
कई बार टूटे हैं सपने, मैं कई बार रो चूका हूँ.
Heart Broken Shayari
उन परिंदो को कैद करना...
मेरी फितरत में नहीं...
जो मेरे दिल के....
पिंजडे में रहकर भी....
गैरों के साथ....
उड़ने का शौक रखते है ।।
तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं