माना आपको प्यार की कदर नहीं थी मगर दिल तो रख लिया होताइतनी जल्दी भूल गए उस प्यार को अरे थोड़ा सब्र तो कर लिया होता।
माना आपको प्यार की कदर नहीं थी मगर
दिल तो रख लिया होता
इतनी जल्दी भूल गए उस प्यार को अरे
थोड़ा सब्र तो कर लिया होता।
डर का उन पर जोर है,
जिनके Negativity चारो ओर है.
कोई भी डर से पार पा सकता ,
अगर मन में अच्छे ख्याल ला सकता.
ख़फ़ा हो, गुस्सा हो और नाराज़ भी होचलो ! कोई बात नहीं,गलती मेरी है मना लूँगा lचली भी गई ग़र जो मुझे छोड़कर,ये वादा है बेवफा का इल्ज़ाम ना दूँगा l
कितना भी कह लूँ,कुछ बाकी रह जाता है lकितना भी पी लूँ,बिन साक़ी अधूरा रह जाता है l
आप को देख कर यह निगाह रुक जाएगी
खामोशी अब हर बात कह जाएगी
पढ़ लो इन आँखों में अपनी मोहब्बत
कसम से सारी कायनात इसे सुनने को थम जाएगी
वह अपने करम उँगलियों पर गिनते हैं,
पर ज़ुल्म का क्या जिनके कुछ हिसाब नहीं
हम दूर तक यूँ ही नहीं पहुंचे ग़ालिब ,
कुछ लोग कन्धा देने आ गए थे...