हमने सुना है रहती है अब बेकरार वो,
छुपके किसी का करती है इंतजार वो!
सब फूल लेकर गए मैं कांटे ही उठा लाया;
पड़े रहते तो किसी अपने के पाँव मे जख्म दे|
कौन कहता है कि दोस्ती-यारी बर्बाद करती है,
कोई निभाने वाला हो तो दुनिया याद करती है!
इजहार-ए-मोहब्बत पे अजब हाल है उनका,आँखें तो रज़ामंद हैं लब सोच रहे हैं।
मोहब्बत नाम है जिसका वो ऐसी क़ैद है यारों,कि उम्रें बीत जाती हैं सजा पूरी नहीं होती।
फूलों की बारिश और प्यार भरे तोहफे के साथ,
आपको प्यारी सी सुबह की ढेर सारी बधाई!
सुप्रभात!