झुके बार-बार जो पत्थर के आगे,उसे गुमा होगा वो खुदा हो जायेगा lमिला रहमो पे मोह्हबत तो क्या !एक ना एक दिन वो बेवफा हो जायेगा l
बहुत मन से चाहा था उसने,फिर उसका मन ही ना रहा lसारी मुश्किलों में भी निकला था,उसका पता मैने..उस पते का पता फिर मुझे भी ना रहा l
"तुम में खो के मैं,खुद को पाता हूँ,यही एक सच है,मैं सब से छुपाता हूँ l"
"मेरी शब्दों में अगर,तुम्हारा महबूब दिख जायेतो मेरी कोई खता नहीं,मैंने तो सब अपने,दिल के नाम लिखा है l "