मोहब्बत में "हां और ना" दोनों एक ही शब्द है.
जिन्हें जो भी जवाब मिला वो बर्बाद ही हुआ है..
खुदा करे वो मोहब्बत जो तेरे नाम से है,हजार साल गुजरने पे भी जवान ही रहे।
ये जो मैं हूँ.. कुछ नहीं हूँ.. बस तेरी नज़र का कमाल है lमैं कब सच्चा हूँ, कब झूठा हूँ.. ये मेरे लिए भी सवाल है l
"आप तो मोहब्बत कीजिए साहेबनाराज़ तो हमसे ज़माना रहता है.!"
"तुम रोज थोड़ा मिलना,
बहुत बाकी रह जाना,
तुम्हें खोजते-खोजते,
एक दिन खुद को पा लूँगा l"