एक तेरा ख़्याल ही तो है मेरे पास,
वरना कौन अकेले में बैठे कर चाय पीता है।
कोई तुमसे सीखे.....मौजूद रहना मुझ में !!
फिर उसी बेवफा पे मरते हैं,फिर वही ज़िन्दगी हमारी है ।
खुश हूँ कि मुझको जला के तुम हँसे तो सही,
मेरे न सही… किसी के दिल में बसे तो सही।