खुद से खुद को खोने लगा हूँमुझे लगता है मै पागल होने लगा हूँबिना वजह हँसते हँसते रोने लगा हूँतेरे जाने के बाद से ही पागल होने लगा हूँ
कविता के कई मतलब हो सकते हैपर कविता कभी मतलबी नहीं हो सकती !!
मन करता हैएक लंबी, अकेली यात्रा पर निकल जाऊँ।तब याद आता है इतने बरसों से उसी यात्रा में हूँ ।
"जिन्हें चाहना, उसी से दूर रहना,मरने से कम नहीं, ये फासला रखना l"
Aaj Hum hain kal hamari yaadein hongi,
कि लोग अक्सर पूछते हैं मेरी खुशियों का राज
इजाजत दो तो आपका नाम बता दूँ