Motivational Life Quotes
प्रशंसा से पिघलना मत
और आलोचना से उबलना मत
अलग है भाषा,
धर्म जात और प्रांत,
पर हम सब का एक है,
गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ.
गंगा में डुबकी लगाकर तीर्थ किये हजार,
इनसे क्या होगा अगर बदले नहीं विचार!!
इसी कशमकश में गुजर जाता है दिन
कि तुमसे बात करूं
या तुम्हारी बात करूं
डर मुझे भी लगा फांसला देख कर,
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर.
खुद ब खुद मेरे नज़दीक आती गई,
मेरी मंज़िल मेरा हौंसला देख कर…..!!