इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे...तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं...
कुछ यूँ हुआ कि जब भी जरुरत पड़ी मुझे, हर शख्स इतेफाक से मजबूर हो गया..
बुलंदी तक पहुंचना चाहता हूँ मै भी. पर गलत राहो से होकर जाऊ.. इतनी जल्दी भी नही..!!
जिंदगी में अगर बुरा वक़्त नहीं आता तो...अपनों में छिपे गैर और गैरो में छिपे अपने कभी नज़र नहीं आते.