मिलो तो बताये हाले दिल आपसे ,खुद से ही बातें कर वक़्त गुजारते है lकई बार जाग-जाग नींद से ,तेरा नाम पुकारते है l
कितना भी कह लूँ,कुछ बाकी रह जाता है lकितना भी पी लूँ,बिन साक़ी अधूरा रह जाता है l
दिल भी पागल है कि उस शख़्स से वाबस्तासेहैजो किसी और का होने दे न अपना रक्खे
"मोह्हबत में पाने की उम्मीद क्यों है, जाना,है ख्वाब ही अब जीने का सहारा माना,नींद मिल भी जाये तो क्या होगा,एक वो है जो मेरे अंदर सोता नहीं, जाना l"
Pyar Bhari shayari