रातों की प्यारी वाणी,
बातें करती है बहुत सारी,
क्यूँकि ये सपनो की Raat है,
सिर्फ तुम्हारी।
Good Night
बेवज़ह की बातों में उलझ जाता हूं,वक़्त की रेत पर फिसल जाता हूं lमुझे मेरी खबर कहाँ रहती है अब,क्योंकि मैं अब उसके दिल में रहता हूं l
"ये इश्क़ की अजीब बीमारी हैहर धुन से अपना राब्ता लगता हैकंही दूर, कैसी भी आवाज़ हो,आवाज़ उसने दी ऐसा लगता हो "
इश्क़ करो तो बेहिसाब करो बिछड़ना तो एक दिन है ही
इश्क़ करो तो बेहिसाब करो
बिछड़ना तो एक दिन है ही