वो रोज़ देखता है डूबते सूरज को इस तरह,काश... मैं भी किसी शाम का मंज़र होता।
श्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है,बोल तेरी मीठी घायल कर जाती है lवो गोरे होते तो क्या होते,सांवले रंग पे ही दुनिया मर जाती है l
कागज पे मैंने अपने सब शौक हैं उतारे,ख़्वाबों को जी लिया, शब्दों के हैं सहारे lरंगीन दुनिया में, बे-रंग फिरते है मारे,तस्वीर में जो रंग थे, मैं पी गया वो सारे l
तेरे होने से बोलने लगी थी दीवारें भी,हँसी निकलने लगी थी हर कोने से भी lअब ये आलम है की,मैं भी चुप हूँ,और सब खामोश है l
"जो आज है,वो कल नहीं होगा,तेरे-मेरे मिलने का सिलसिला नहीं होगा,ना तुम रुठोगी, ना मैं मनाऊंगा,ये रोज-जीने मरने का सिलसिला नहीं होगा l"
क्रिसमस का उमंग और उत्साह,
हमेशा आपके जीवन को,
खुशियों से सराबोर रखे ! Merry Christmas 2020-2021