प्यार वो है, जिसमे किसी के मिलने की,
उम्मीद भी न हो..फिर भी इंतज़ार_उसी का हो…!
ले गया छीन के कौन आज तेरा सब्र-ओ-करार,
बेक़रारी तुझे ऐ दिल कभी ऐसी तो न थी।
Dil ko teri hi tamanna
Dil ko tujhse hi pyaar
Chahe tu
Aaye ya na aaye
Hum karenge intezar