ले गया छीन के कौन आज तेरा सब्र-ओ-करार,
बेक़रारी तुझे ऐ दिल कभी ऐसी तो न थी।
तुम्हारे प्यार का मौसम
हर मौसम से प्यारा है
काश यह जालिम जुदाई न होती!
ऐ खुदा तूने यह चीज़ बनायीं न होती! न
हम उनसे मिलते न प्यार होता!
ज़िन्दगी जो अपनी थी वो परायी न होती!
चाँद तारो से रात जगमगाने लगी,
फूलों की खुश्बू से दुनिया महकने लगी,
सो जाइये रात हो गयी है काफ़ी,
निंदिया रानी भी आपको देखने है आने लगी
एक खूबसूरती, एक ताज़गी,
एक सपना, एक सच्चाई
एक कल्पना, एक एहसास
एक आस्था, एक विश्वास
यही हैं एक अच्छे साल की शुरुआत
WISH YOU A VERY HAAPY NEW YEAR 2021