काश तुम कभी जोर से गले लगा कर कहो,
डरते क्यों हो पागल तुम्हारी ही तो हूँ !
हर लम्हा तेरी याद का पैगाम दे रहा है,
अब तो तेरा इश्क मेरी जान ले रहा है।
कुछ हदें हैं मेरी कुछ हदें हैं तेरी..!!
लेकिन दायरों में भी इश्क़ होता है…!!❤