"रो देती है हर बार जब आँगन से जुदा होती है,बेटियांँ एक बार नहीं कई बार विदा होती है।।"
बहुत बाकी रह जाना,तुम्हें खोजते-खोजते,एक दिन खुद को पा लूँगा l"
खोज के बाहर तुमको,
हार गया हूँ मैं,
झाँका जब मन भीतर,
वंही बैठी थी तुम l
राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी
प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी
यह रंग ना जाने कोई जात ना कोई बोली
मुबारक हो आपको रंगों भारी होली
Pyar Bhari shayari
आज आपकी रात की अच्छी शुरुआत हो,
रात भर खूबसूरत सपनो की बरसात हो,
जिन्हें आपकी निगाहे हर वक्त ढूंढती रहती हैं,
खुदा करे आपसे उनकी सपनो में मुलाकात हो।